अब प्रीमियम फर्नीचर के लिए विदेश जाने की जरूरत नहीं, जयपुर में खुला ‘नायाब एक्सपीरियंस’
जयपुर (राजस्थान) : आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और होमओनर्स को एक नए डिजाइन एवं फर्नीचर अनुभव से जोड़ते हुए 25,000 वर्गफुट के डिजाइन डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ का बगरू, जयपुर में सफल उद्घाटन हुआ। यह डेस्टिनेशन भारत में निर्मित प्रीमियम, समकालीन और जरूरत के अनुरूप कस्टमाइज्ड फर्नीचर को डिजाइन, चयन और मैन्युफैक्चरिंग की एकीकृत सुविधा के साथ प्रस्तुत करता है।वर्षों से बड़े पैमाने पर प्रीमियम और आधुनिक फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए भारत से बाहर के बाजारों का रुख करना आम रहा है। खासतौर पर चीन के अंतरराष्ट्रीय फर्नीचर बाजार आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और कारोबारियों के लिए विविधता, डिजाइन, बड़े पैमाने पर उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण पसंदीदा केंद्र रहे हैं। नायाब एक्सपीरियंस इस समीकरण को बदलने की कोशिश कर रहा हैजयपुर के बगरू में स्थित नवनिर्मित 25,000 वर्गफुट का नायाब एक्सपीरियंस एक ही स्थान पर फर्नीचर डिजाइन, चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है। इसे सीधे 2 लाख वर्गफुट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सहयोग प्राप्त है, जहां फर्नीचर इन-हाउस तैयार किया जाता है।विचार सरल है, लेकिन महत्वपूर्ण है, जब प्रीमियम, आधुनिक और जरूरत के मुताबिक तैयार किया जा सकने वाला फर्नीचर भारत में ही डिजाइन और निर्मित हो सकता है, तो फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए दुनिया के दूसरे छोर तक जाने की जरूरत क्यों हो?नायाब एक्सपीरियंस को ऐसे डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया गया है, जहां ग्राहक केवल शोरूम के फर्श पर रखे अलग-अलग फर्नीचर पीस नहीं देखते, बल्कि उन्हें उसी तरह अनुभव करते हैं, जैसे वे किसी वास्तविक इंटीरियर का हिस्सा हों। फर्नीचर को पूरे कमरे की सेटिंग के साथ प्रदर्शित किया गया है, जिससे आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और होमओनर्स यह समझ सकते हैं कि अलग-अलग फर्नीचर पीस एक साथ किसी स्थान को किस तरह तैयार करते हैं।कलेक्शन में तीन अलग-अलग डिजाइन दिशाएँ नियो-क्लासिकल, मॉडर्न और टाइमलेस शामिल की गई हैं। नियो-क्लासिकल कलेक्शन में नक्काशी, बारीक डिजाइन और पारंपरिक दृश्य समृद्धि पर जोर दिया गया है, जबकि मॉडर्न कलेक्शन की पहचान साफ-सुथरे आकार और आधुनिक रेखाओं से होती है। टाइमलेस कलेक्शन दोनों के बीच संतुलन बनाता है और इसे बदलती इंटीरियर शैलियों व पसंद के अनुरूप इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, इस डेस्टिनेशन को डिजाइन इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर प्रासंगिक बनाने वाली बात शोरूम के बाहर मौजूद व्यवस्था है।यह एक्सपीरियंस सीधे नायाब की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से जुड़ा हुआ है। इससे ग्राहक की कल्पना और वास्तव में निर्मित किए जा सकने वाले फर्नीचर के बीच सीधा संबंध बनता है। आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और ग्राहक टीम के साथ सीधे अपनी जरूरतों पर चर्चा कर सकते हैं फिर चाहे वह फर्नीचर के आकार, फिनिश, मात्रा या किसी खास प्रोजेक्ट की जरूरत से जुड़ी हो।यह सुविधा खास तौर पर बड़े पैमाने की आवासीय, हॉस्पिटैलिटी, व्यावसायिक और ऑफिस परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां फर्नीचर की जरूरत अक्सर सामान्य कैटलॉग में उपलब्ध पीस से आगे बढ़ जाती है। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी फर्नीचर के प्रकार, आकार, फिनिश और मात्रा के लिहाज से अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।नायाब एक्सपीरियंस के लिए यह एकीकरण उसके प्रस्ताव का केंद्रीय हिस्सा है। प्रीमियम फर्नीचर का मतलब अंतरराष्ट्रीय डिजाइन, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग, कस्टमाइजेशन और वैल्यू में से किसी एक को चुनना नहीं होना चाहिए।नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर ललित अग्रवाल ने कहा कि, “फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हमें दो दशकों से अधिक का अनुभव है। हमने देखा है कि ग्राहक अब केवल अच्छा फर्नीचर नहीं, बल्कि अपने स्थान के लिए सही फर्नीचर चाहते हैं और वह भी सही डिजाइन, आकार, फिनिश और कार्यक्षमता वाला। हमारा प्रयास इसे अधिक सुविधाजनक और सोच-समझकर पूरा करना है। यह सिर्फ एक नया शोरूम नहीं है, बल्कि वर्षों के हमारे मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स की जरूरतों के आधार पर उनके करीब लाने का प्रयास है।”नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर पंकज अग्रवाल के लिए शोरूम और मैन्युफैक्चरिंग फ्लोर के बीच यह कनेक्शन समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, “नायाब एक्सपीरियंस हमारी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स के करीब लाता है, जिससे वे फर्नीचर को देख सकते हैं और अपनी जरूरतों पर हमारी टीम के साथ सीधे चर्चा कर सकते हैं।”डायरेक्टर अशोक शाह कलेक्शन और एक्सपीरियंस के पीछे की सोच पर जोर देते हुए कहते हैं कि “हमारा ध्यान हमेशा डिजाइन, गुणवत्ता और कार्यक्षमता के सही संतुलन वाला फर्नीचर तैयार करने पर रहा है। नायाब एक्सपीरियंस के जरिए हम चाहते हैं कि ग्राहक इस सोच को और करीब से अनुभव कर सकें।”19 सितंबर को हुए लॉन्च में पूरे भारत से करीब 200 आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और डिजाइन क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स शामिल हुए। उन्होंने कलेक्शन को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस नए डेस्टिनेशन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली संभावनाओं को समझा। लॉन्च के दौरान डिजाइन कम्युनिटी को घरों और ऑफिस से लेकर व्यावसायिक और हॉस्पिटैलिटी स्पेस तक विभिन्न परियोजनाओं के लिए फर्नीचर की खरीद और जरूरतों पर चर्चा करने का अवसर भी मिला। यह प्रतिक्रिया जयपुर के फर्नीचर इकोसिस्टम के लिए एक बड़े अवसर को दर्शाती है। भारत के भीतर ही फर्नीचर की व्यापक रेंज तक पहुंच उपलब्ध कराना और साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को उन लोगों के करीब लाना, जो फर्नीचर की जरूरत तय करते हैं और उसे खरीदते हैं।सिर्फ रिटेल डेस्टिनेशन के रूप में काम करने के बजाय नायाब एक्सपीरियंस को डिजाइन की खोज, फर्नीचर चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ लाने के लिए तैयार किया गया है। ग्राहक स्टैंडर्ड और सुपर-प्रीमियम कलेक्शन देख स
जयपुर (राजस्थान) : आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स और होमओनर्स को एक नए डिजाइन एवं फर्नीचर अनुभव से जोड़ते हुए 25,000 वर्गफुट के डिजाइन डेस्टिनेशन ‘नायाब एक्सपीरियंस’ का बगरू, जयपुर में सफल उद्घाटन हुआ। यह डेस्टिनेशन भारत में निर्मित प्रीमियम, समकालीन और जरूरत के अनुरूप कस्टमाइज्ड फर्नीचर को डिजाइन, चयन और मैन्युफैक्चरिंग की एकीकृत सुविधा के साथ प्रस्तुत करता है।
वर्षों से बड़े पैमाने पर प्रीमियम और आधुनिक फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए भारत से बाहर के बाजारों का रुख करना आम रहा है। खासतौर पर चीन के अंतरराष्ट्रीय फर्नीचर बाजार आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और कारोबारियों के लिए विविधता, डिजाइन, बड़े पैमाने पर उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण पसंदीदा केंद्र रहे हैं। नायाब एक्सपीरियंस इस समीकरण को बदलने की कोशिश कर रहा है
जयपुर के बगरू में स्थित नवनिर्मित 25,000 वर्गफुट का नायाब एक्सपीरियंस एक ही स्थान पर फर्नीचर डिजाइन, चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग की सुविधा उपलब्ध कराता है। इसे सीधे 2 लाख वर्गफुट की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सहयोग प्राप्त है, जहां फर्नीचर इन-हाउस तैयार किया जाता है।
विचार सरल है, लेकिन महत्वपूर्ण है, जब प्रीमियम, आधुनिक और जरूरत के मुताबिक तैयार किया जा सकने वाला फर्नीचर भारत में ही डिजाइन और निर्मित हो सकता है, तो फर्नीचर की सोर्सिंग के लिए दुनिया के दूसरे छोर तक जाने की जरूरत क्यों हो?
नायाब एक्सपीरियंस को ऐसे डेस्टिनेशन के रूप में तैयार किया गया है, जहां ग्राहक केवल शोरूम के फर्श पर रखे अलग-अलग फर्नीचर पीस नहीं देखते, बल्कि उन्हें उसी तरह अनुभव करते हैं, जैसे वे किसी वास्तविक इंटीरियर का हिस्सा हों। फर्नीचर को पूरे कमरे की सेटिंग के साथ प्रदर्शित किया गया है, जिससे आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और होमओनर्स यह समझ सकते हैं कि अलग-अलग फर्नीचर पीस एक साथ किसी स्थान को किस तरह तैयार करते हैं।
कलेक्शन में तीन अलग-अलग डिजाइन दिशाएँ नियो-क्लासिकल, मॉडर्न और टाइमलेस शामिल की गई हैं। नियो-क्लासिकल कलेक्शन में नक्काशी, बारीक डिजाइन और पारंपरिक दृश्य समृद्धि पर जोर दिया गया है, जबकि मॉडर्न कलेक्शन की पहचान साफ-सुथरे आकार और आधुनिक रेखाओं से होती है। टाइमलेस कलेक्शन दोनों के बीच संतुलन बनाता है और इसे बदलती इंटीरियर शैलियों व पसंद के अनुरूप इस्तेमाल करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, इस डेस्टिनेशन को डिजाइन इंडस्ट्री के लिए खास तौर पर प्रासंगिक बनाने वाली बात शोरूम के बाहर मौजूद व्यवस्था है।
यह एक्सपीरियंस सीधे नायाब की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी से जुड़ा हुआ है। इससे ग्राहक की कल्पना और वास्तव में निर्मित किए जा सकने वाले फर्नीचर के बीच सीधा संबंध बनता है। आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और ग्राहक टीम के साथ सीधे अपनी जरूरतों पर चर्चा कर सकते हैं फिर चाहे वह फर्नीचर के आकार, फिनिश, मात्रा या किसी खास प्रोजेक्ट की जरूरत से जुड़ी हो।
यह सुविधा खास तौर पर बड़े पैमाने की आवासीय, हॉस्पिटैलिटी, व्यावसायिक और ऑफिस परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है, जहां फर्नीचर की जरूरत अक्सर सामान्य कैटलॉग में उपलब्ध पीस से आगे बढ़ जाती है। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी फर्नीचर के प्रकार, आकार, फिनिश और मात्रा के लिहाज से अलग-अलग जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है।
नायाब एक्सपीरियंस के लिए यह एकीकरण उसके प्रस्ताव का केंद्रीय हिस्सा है। प्रीमियम फर्नीचर का मतलब अंतरराष्ट्रीय डिजाइन, भारतीय मैन्युफैक्चरिंग, कस्टमाइजेशन और वैल्यू में से किसी एक को चुनना नहीं होना चाहिए।
नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर ललित अग्रवाल ने कहा कि, “फर्नीचर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हमें दो दशकों से अधिक का अनुभव है। हमने देखा है कि ग्राहक अब केवल अच्छा फर्नीचर नहीं, बल्कि अपने स्थान के लिए सही फर्नीचर चाहते हैं और वह भी सही डिजाइन, आकार, फिनिश और कार्यक्षमता वाला। हमारा प्रयास इसे अधिक सुविधाजनक और सोच-समझकर पूरा करना है। यह सिर्फ एक नया शोरूम नहीं है, बल्कि वर्षों के हमारे मैन्युफैक्चरिंग अनुभव को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स की जरूरतों के आधार पर उनके करीब लाने का प्रयास है।”
नायाब एक्सपीरियंस के डायरेक्टर पंकज अग्रवाल के लिए शोरूम और मैन्युफैक्चरिंग फ्लोर के बीच यह कनेक्शन समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि, “नायाब एक्सपीरियंस हमारी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को ग्राहकों और डिजाइन प्रोफेशनल्स के करीब लाता है, जिससे वे फर्नीचर को देख सकते हैं और अपनी जरूरतों पर हमारी टीम के साथ सीधे चर्चा कर सकते हैं।”
डायरेक्टर अशोक शाह कलेक्शन और एक्सपीरियंस के पीछे की सोच पर जोर देते हुए कहते हैं कि “हमारा ध्यान हमेशा डिजाइन, गुणवत्ता और कार्यक्षमता के सही संतुलन वाला फर्नीचर तैयार करने पर रहा है। नायाब एक्सपीरियंस के जरिए हम चाहते हैं कि ग्राहक इस सोच को और करीब से अनुभव कर सकें।”
19 सितंबर को हुए लॉन्च में पूरे भारत से करीब 200 आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर और डिजाइन क्षेत्र से जुड़े प्रोफेशनल्स शामिल हुए। उन्होंने कलेक्शन को प्रत्यक्ष रूप से देखा और इस नए डेस्टिनेशन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली संभावनाओं को समझा। लॉन्च के दौरान डिजाइन कम्युनिटी को घरों और ऑफिस से लेकर व्यावसायिक और हॉस्पिटैलिटी स्पेस तक विभिन्न परियोजनाओं के लिए फर्नीचर की खरीद और जरूरतों पर चर्चा करने का अवसर भी मिला। यह प्रतिक्रिया जयपुर के फर्नीचर इकोसिस्टम के लिए एक बड़े अवसर को दर्शाती है। भारत के भीतर ही फर्नीचर की व्यापक रेंज तक पहुंच उपलब्ध कराना और साथ ही मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया को उन लोगों के करीब लाना, जो फर्नीचर की जरूरत तय करते हैं और उसे खरीदते हैं।
सिर्फ रिटेल डेस्टिनेशन के रूप में काम करने के बजाय नायाब एक्सपीरियंस को डिजाइन की खोज, फर्नीचर चयन, कस्टमाइजेशन और मैन्युफैक्चरिंग को एक साथ लाने के लिए तैयार किया गया है। ग्राहक स्टैंडर्ड और सुपर-प्रीमियम कलेक्शन देख सकते हैं, अलग-अलग रूम सेटिंग में विभिन्न शैलियों की तुलना कर सकते हैं और फर्नीचर टीम के साथ सीधे बदलावों पर चर्चा कर सकते हैं। डिजाइन प्रोफेशनल्स के लिए यह मॉडल कॉन्सेप्ट और स्पेसिफिकेशन से लेकर प्रोडक्शन तक पहुंचने का अधिक सीधा रास्ता उपलब्ध कराता है। और होमओनर्स के लिए यह उतना ही महत्वपूर्ण अवसर है, जितना फर्नीचर को किसी अलग वस्तु के रूप में देखने के बजाय उसे पूरे इंटीरियर के हिस्से के रूप में अनुभव करने का अवसर।
भारत में अवसर
नायाब एक्सपीरियंस का उद्घाटन ऐसे समय में हुआ है, जब फर्नीचर को लेकर ग्राहकों की अपेक्षाएं बदल रही हैं। ग्राहक अब केवल अच्छी तरह तैयार किया गया फर्नीचर ढूंढने तक सीमित नहीं हैं। वे ऐसा फर्नीचर चाहते हैं, जो किसी खास स्थान, सौंदर्यबोध, आकार, जीवनशैली और उपयोगिता के अनुरूप हो।
नायाब का प्रस्ताव इसी जरूरत को पूरा करने पर आधारित है, यानी भारतीय मैन्युफैक्चरिंग के पैमाने और क्षमता को आधुनिक डिजाइन, प्रीमियम फिनिश, कस्टमाइजेशन और आसान पहुंच के साथ जोड़ना। मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी सीधे एक्सपीरियंस को सहयोग देती है। इससे यह डेस्टिनेशन फर्नीचर की पूरी प्रक्रिया को ग्राहक के और करीब लाने वाला मॉडल पेश करता है यानी डिजाइन चुनने से लेकर उसके आकार और फिनिश पर चर्चा करने और अंततः उसे तैयार उत्पाद के रूप में देखने तक। मूल रूप से नायाब एक्सपीरियंस जयपुर को सिर्फ ऐसी जगह बनाने का प्रयास है, जहां फर्नीचर प्रदर्शित किया जाए, बल्कि ऐसी जगह के रूप में विकसित करने की कोशिश है, जहां प्रीमियम फर्नीचर की कल्पना की जाए, उसे अनुभव किया जाए और तैयार किया जाए।
नायाब एक्सपीरियंस के दरवाजे अब आर्किटेक्ट, इंटीरियर डिजाइनर, होमओनर्स, कलेक्टर्स और फर्नीचर प्रेमियों के लिए खुले हैं। यह उन लोगों के लिए भारत में एक नया डेस्टिनेशन उपलब्ध कराता है, जो डिजाइन, शिल्प कौशल, बड़े पैमाने पर उत्पादन और कस्टमाइजेशन चाहते हैं और इसके लिए जरूरी नहीं कि उन्हें देश से बाहर देखना पड़े।
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